The Power of Now
आध्यात्मिक ज्ञान के लिए एक मार्गदर्शक
लेखक :- एकहार्ट तोले
द पावर ऑफ नाउ :- एकहार्ट टोले की एक किताब है।
जो आत्मचिंतन की अवधारणा के सिद्धांतों को सरल अभ्यास के लिए प्रस्तुत करता है।
यह पुस्तक 1990 के दशक के अंत में प्रकाशित हुई है। और इसकी 33 भाषाओं में अनुवाद किया गया है।
यह पुस्तक विभिन्न प्रकार की आध्यात्मिक परंपराओं से ली गई है। और इन परंपराओं का उपयोग "वर्तमान क्षण में जीने पर आधारित प्रणाली" का वर्णन करने के लिए करता है।
इसका मूल संदेश यह है कि लोगों की समस्या उनके दिमाग के साथ उनकी पहचान में निहित है।
लेखक लिखते हैं, कि किसी व्यक्ति की अतीत या भविष्य की चिंता और चिताओं में खुद को खो देने के बजाय अपने "वर्तमान" के बारे में जाग्रत होना चाहिए।
पुस्तक के अनुसार केवल वर्तमान क्षण ही वास्तविक है। और
केवल वर्तमान क्षण ही मायने रखता है। और किसी व्यक्ति का अतीत और भविष्य दोनों ही उनके विचार से निर्मित होते हैं।
लेखक का कहना है, कि लोगों का अपने जीवन पर नियंत्रण रखने का आग्रह एक भ्रम है जो केवल पीड़ा लाता है।
यह पुस्तक विश्राम और ध्यान के तरीकों का भी वर्णन करती है। इससे लोगों को वर्तमान में स्वयं को स्थिर करने में मदद मिलती है।
इनमें से मुख्य सुझावों में मल्टी-टास्किंग (एक समय में दो या दो से अधिक गतिविधियों को करना/सोचना) या ध्यान भटकना, भविष्य के बारे में चिताओं को दूर करना शामिल हैं।
पुस्तक की शुरुवात लेखक एक छोटी सी कहानी से करते हैं। जो मैं आपके साथ साझा करना चाहता हूं। जो इस प्रकार है।
एक नगर में एक भिखारी रहता था। वह एक पुराने लकड़ी के बक्से के ऊपर बैठा लोगों से भीख की याचिका करता । वह हमेशा वहीं पर बैठा रहता था। एक दिन लेखक वहाँ से गुजर रहे थे। भिखारी हमेशा की तरह भीख की याचिका करता है। और इस बार लेखक उसे उस बक्से को खोलने के लिए कहते हैं। लेखक के जोर देने पर वह उसे खोलता है। तो वह बक्सा सोने चांदी से भरा रहता है। . ........
इस कहनी को समझाते हुए लेखक कहते हैं। कि मैं किसी को कुछ देने नहीं बल्कि जो आपके अंदर है। आपका ध्यान उसकी ओर करने की कोशिश कर रहा हूँ।
लेखक का कहना है कि सब कुछ हमारे अंदर है। और हम उसे बाहर ढुढते हैं।
https://youtube.com/@meaningofbooks
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धन्यवाद
ओम प्रकाश
उत्तरकाशी उत्तराखण्ड

अतीत और भविष्य की चिंता के कारण हम अपने आज को जीना भुल जाते हैं..
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